नमस्कार.
कई वर्षों पहले मैंने ये ब्लॉग बनाया था. लेकिन आज तक एक भी पोस्ट नहीं पब्लिश नहीं कर सका. आज अचानक याद आई ब्लॉग की. जिंदगी की उहापोह में ये एक जरिया लगा, जहां हम अपने विचार साझा कर सकते हैं.
मैं फिर से लौट आया हूं अपने ब्लॉग पे. मेरी कोशिश होगी की मैं प्रतिदिन कुछ न कुछ लिखूं. शेर, कविता, ग़ज़ल, संस्मरण इत्यादि पब्लिश करूंगा. इसके साथ ही चूँकि मैं पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय का विद्यार्थी हूं और अध्यापक भी हूं. इसलिए पत्रकारिता विषय पर भी लेख होंगे. संचार और इसके विविध आयामों पर भी लेख होंगे .
आज बस इतना ही.
शुभ रात्रि
डॉ. गुरु सरन लाल