विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष आलेख
ख़्वाजा मीर दर्द का
एक शेर् है -
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल
ज़िंदगानी फिर कहाँ
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये
जवानी फिर कहाँ
जब बात कहीं घूमने जाने या सैर-सपाटे की
हो तो यानायास ही ये शेर याद आ जाता है. आप विश्व पर्यटन दिवस है और ऐसे मौके पर
ये शेर याद आना लाजिमी है.
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया
में प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है. इसकी शुरुआत
1980 से हुई.
वर्ष 2022 की थीम है – रीथिन्किग टूरिज्म
अर्थात् पर्यटन पर पुनर्विचार. विगत लगभग तीन वर्षों से कोविड -19 के प्रकोप से
पूरी दुनिया जूझ रही है. इससे सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं. पर्यटन तो बहुत
प्रभावित हुआ है. अभी भी लोगों में इतना डर है कि लोग आसानी से पहले की तरह पर्यटन
के बारे में नहीं सोच रहे हैं. शायद इसीलिए इस बर्ष इस थीम का चयन किया गया. ताकि
लोग पर्यटन के बारे में फिर से विचार कर सकें. इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा
मिलेगा बल्कि जो लोग पर्यटन उद्योग से जुड़े हुए हैं उनको रोजगार प्राप्त हो सकेगा.
तो अगर आपके पास वक़्त है तो निकल पड़िए कहीं घूमने.
पर्यटन पर निकलने से पहले:
पर्यटन पर निकलने से पहले पूरी तैयारी कर
लेनी चाहिए. जिस जगह जा रहे हैं वहां के मौसम अनुसार कपड़े साथ रखना चाहिए. पैसे
कैश के रूप में रखने के बजाय एटीएम कार्ड रखना ज्यादा सुरक्षित होगा. आने-जाने का
टिकट भी पहले से बुक कर लें. अपने साथ सीमित और आवश्यक सामान ही रखें. याद रखें- जितना
कम सामान रहेगा , उतना सफ़र आसान रहेगा.
फोटो क्रेडिट: गूगल
घूमने कहाँ जायें-
जिसकी जितनी व्यवस्था
हो वह अपनी सुविधानुसार पर्यटन का निर्णय ले सकता है. अपना देश भारत तमाम विविधताओं
से भरा हुआ है. इसकी सांस्कृतिक विविधता को देखना अपने आप में रोमांचक है. इसलिए अपनी
पसंद का कोई स्थान चयन कीजिये और घूम आइये. यकीन मानिये आप पहले से ज्यादा तरोताजा
महसूस करेंगे.
पर्यटन से लाभ:
तो फिर देर किस बात
की. उठाइए अपना बैग
और घूम आइये अपनी किसी मन पसंद जगह पर...

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