शुक्रवार, 7 अप्रैल 2023

पहला सुख निरोगी काया...


विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष                                                                                             07.04.2023

                            पहला सुख निरोगी काया...

जीवन में अच्छे स्वास्थ्य का बहुत महत्व है। यदि हमारे पास दुनिया भर की सारी सुख सुविधाएं हों और हमारा स्वास्थ्य अच्छा ना हो, तो उन सारी सुख सुविधाओं का हम आनंद नहीं ले सकते हैं। उनका कोई मतलब नहीं है। इसलिए कहा गया है कि ‘पहला सुख निरोगी काया’। जब हम स्वस्थ रहते हैं तो हमारा मन-मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है। हम अच्छे से अपना कार्य कर पाते हैं। आपने यह कहावत भी सुनी होगी कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। यह बिल्कुल सटीक बात है कि अस्वस्थता की स्थिति में हमारा मस्तिष्क सही से कार्य नहीं करता और मन में नकारात्मक विचार घेरे रहते हैं। वहीं जब हम स्वस्थ रहते हैं तो हमारा मस्तिष्क स्वस्थ रहता है और हम सकारात्मक विचारों से भरे रहते हैं। 

स्वास्थ्य के महत्व को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन की पहल से प्रत्येक वर्ष 07 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 2023 की थीम ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1977 में वर्ष 2000 तक सबको स्वास्थ्य उपलब्ध्ल कराने का संकल्प लिया था। इसके बाद 2000 से 2015 तक मिलेनियम डवलपमेंट गोल के तहत भी प्रयास किये गये और अब 2030 तक सतत विकास के लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं। 

    सन् 1983 में भारतीय संसद ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को पारित करके सबको स्वास्थ्य के लक्ष्य को पाने का संकल्प लिया था लेकिन राजनीति इच्छाशक्ति के बिना यह संभव नहीं है। जब स्वास्थ्य सुविधाएं कंपनियों की कमाई का जरिया हों तब सबको स्वास्थ्य का सपना कैसे पूरा होगा? यह एक गंभीर विषय है। 

हाल ही में राजस्थान सरकार ने स्वास्थ्य का अधिकार (आर.टी.एच.) लागू किया है। इसके तहत समस्त इलाज निःशुल्क किया जाएगा। यह एक स्वागत योग्य कदम है। बाकी राज्य सरकारों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। 

बहुत सारे आकड़े हैं, बहुत सारी बातें हैं, बहुत सारे मुद्दे हैं। देखने वाली बात ये है कि आजादी के 75 सालों के बाद भी पूरी जनसंख्या को साफ जल, शुद्ध वायु नहीं मिल पा रही है। अशुद्ध जल और अशुद्ध वायु अनेक संक्रामक बिमारियों के फैलने के मुख्य कारक हैं। बहुत सारी बिमारियां ऐसी भी हैं जो अनियमित, अनियंत्रित जीवन शैली के कारण पैदा हुई हैं। इन्हें हम अपने जीवन शैली को सुधारकर स्वस्थ रखकर इन पर नियंत्रण रखा जा सकता है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन, भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वैज्ञानिक, डाॅक्टर, विशेषज्ञ इत्यादि अपना कार्य बखूबी कर रहे हैं। विज्ञान संचार और स्वास्थ्य संचार के माध्यम से मीडिया भी स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति अपनी भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। स्वयं जागरूक होना होगा। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और जानकारी विभिन्न बिमारियों से बचा सकती है। कोविड-19 ने पूरे मानव मात्र को और विश्व की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित किया है। विश्व पहले से अधिक सतर्क हुआ है। हम निश्चिततौर पर अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क और जागरूक हुए हैं लेकिन यह सतर्कता और जागरूकता लगातार बनी रहनी चाहिए। खुद भी स्वस्थ रहें औरों को भी स्वस्थ रहने में मदद करें। 

लेखक का परिचयः 

डाॅ. गुरु सरन लाल, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार संकाय , भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.), 9131586112


4 टिप्‍पणियां:

LIFE TOOLS ने कहा…

यह लेख बहुत ही जीवंत संदेश है आज की जीवन शैली को ,कृपया कृपया शेयरिंग का whatsup bhi बढ़ाएं

Very good ने कहा…

Very good Blog

DR. GURU SARAN LAL ने कहा…

Thank you

DR. GURU SARAN LAL ने कहा…

Thank you 😊